वार्ता रही बेनतीजा राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति के बैनर तले 11 सूत्री मांगों को लेकर छह सदस्यीय दल की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ वार्ता भी हुई, लेकिन उसमें कोई नतीजा नहीं निकला। राष्ट्रीय पशुपालन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राईका ने कहा कि 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 2 साल से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार से कई बार वार्ता हुई है, लेकिन बेनतीजा रही है। की राजधानी जयपुर में बुधवार को विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू (DNT) समाज द्वारा आयोजित महापड़ाव उस समय उग्र हो गया, जब सरकार के साथ हुई वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद आंदोलनकारीयों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कई लोग घायल हुए, जबकि 40 से अधिक आंदोलनकारियों हिरासत में लिया गया।
क्या है DNT समाज की मुख्य मांग?
DNT समाज लंबे समय से सरकार से 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। समाज के नेताओं का कहना है कि पिछले दो वर्षों से कई दौर की वार्ता होने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।
उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
DNT समाज को 10% आरक्षण दिया जाए।
विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू परिवारों को स्थायी आवास के लिए पट्टे दिए जाएं।
DNT जातियों के नाम और वर्गीकरण में मौजूद विसंगतियों को दूर किया जाए।
शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
वार्ता क्यों रही बेनतीजा?
प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधिमंडल और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। हालांकि, दोनों पक्ष किसी सहमति पर नहीं पहुंच सके। वार्ता विफल होने के बाद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू कर दिया।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
DNT समाज का क्या कहना है?
समाज के नेताओं का कहना है कि राजस्थान में DNT समुदाय की आबादी लगभग 15 प्रतिशत है। उनका दावा है कि वास्तविक रूप से इस वर्ग में 53 जातियां आती हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में केवल 32 जातियों का उल्लेख है।
समाज का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक बनाया जाएगा।
आगे क्या हो सकता है?
फिलहाल सरकार और DNT समाज के बीच बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं। हालांकि, आंदोलन के बाद प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल पर इसका असर देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या फैसला लेती है।
निष्कर्ष
जयपुर में DNT समाज का आंदोलन केवल आरक्षण की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्थायी आवास, सामाजिक पहचान और सरकारी योजनाओं में बराबरी के अधिकार जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी शामिल हैं। आने वाले दिनों में सरकार और समाज के बीच होने वाली बातचीत इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।
FAQ (SEO Boost)
Q1. DNT समाज क्या है?
DNT का अर्थ Denotified, Nomadic and Semi-Nomadic Tribes यानी विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतू समुदाय है।
Q2. जयपुर में DNT समाज क्यों प्रदर्शन कर रहा है?
DNT समाज 10% आरक्षण, स्थायी आवास के पट्टे और अन्य सामाजिक अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है।
Q3. पुलिस ने कार्रवाई क्यों की?
प्रदर्शनकारियों के मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने और स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।




0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box.